हनुमान जी पर 20 जबरदस्त भक्ति शायरी
बजरंगबली की महिमा और उनके प्रति सच्ची भक्ति को शब्दों में पिरोना हर राम भक्त के लिए एक सुखद अनुभव होता है। अगर आप भगवान हनुमान जी की रीयल भक्ति शायरी की तलाश में हैं, जिनमें जबरदस्त लय और तुकबंदी हो, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस पोस्ट में हमने आपके लिए 20 बेहतरीन और चुनिंदा हनुमान जी शायरी का संग्रह तैयार किया है। इन शायरियों को आप अपने व्हाट्सएप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट या अपनों के साथ साझा करके भक्ति के रंग में रंग सकते हैं। आइए पढ़ते हैं संकटमोचन महाबली हनुमान पर आधारित कुछ अद्भुत शायरियां।
राम भक्त हनुमान की महिमा सबसे न्यारी है,
संकटमोचन नाम से इनकी दुनिया हारी है।
जो भी ध्यावे सच्चे मन से, पार लगा देते,
बजरंगबली की कृपा ही भक्तों को प्यारी है।
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पवन पुत्र का नाम जपो, मिट जाएंगे कष्ट तमाम,
इनके सुमिरन से ही बनते, सारे बिगड़े काम।
सीने में सिया-राम बसे हैं, राम रसायन पास,
मारुति नंदन की शरण में, मिलता है आराम।
हाथ में गदा विराजे, मस्तक पर है लाल सिंदूर,
इनकी एक हुंकार से भागें, सारे दानव दूर।
वीर बजरंगी की भक्ति में, जो भी मगन हुआ,
उसके जीवन से मिट जाता, हर दुख हर गुरूर।
जिनके सीने में बसते हैं, सीता और श्री राम,
उन महावीर बजरंगी को, शत-शत है प्रणाम।
संकट भारी आन पड़े जब, कोई ना देवे साथ,
तब हनुमंत लला ही आते, करने पूरन काम।
राम के काज संवारे जिसने, लंका दीनी जार,
संजीवन ले आए लक्ष्मण के, प्राणों के आधार।
ऐसे वीर कपीश्वर को, हम शीश झुकाते हैं,
जिनकी दया दृष्टि से होता, सबका बेड़ा पार।
डमरू वाले शिव शंकर का, ग्यारहवां है ये अवतार,
जिनकी भक्ति से खुल जाता, मोक्ष का हर द्वार।
राम नाम के मतवाले हैं, अंजनी माता के लाल,
इनके चरणों में ही मिलता, सच्चा सुख और प्यार।
आसमान को छूने वाले, पर्वत को उठाने वाले,
राम जी की खातिर अपना, सीना भी चीरने वाले।
कोई नहीं है जग में ऐसा, दूजा भक्त महान,
जय हो संकट मोचन, सबके दुखड़े हरने वाले।
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भक्ति भाव से जो भी इनके, चरणों में झुक जाए,
अष्ट सिद्धि नव निधि का दाता, उसको राह दिखाए।
राम दूत की कृपा कोर से, संकट कटते सारे,
जो हनुमान चालीसा गाए, भवसागर तर जाए।
कण-कण में है राम रमे, और रोम-रोम में हनुमान,
इनकी कृपा बिना जग में, नहीं मिलता सच्चा ज्ञान।
भक्त शिरोमणि कहलाते हैं, बजरंगबली कृपालु,
जो भी ध्यावे इनका नाम, वो पा ले जग में मान।
सागर को भी लांघ गए जो, बन कर राम का बाण,
रावण की लंका को जला कर, कर दिया वीरान।
वो महावीर हैं, शक्तिमान हैं, भक्ति के हैं भंडार,
जिनके एक इशारे पर ही, चलें हवा और प्राण।
दुख भंजन मारुति नंदन, सुन लो मेरी पुकार,
बीच भंवर में फंसी है नैया, कर दो भव से पार।
तेरे सिवा ना कोई मेरा, इस झूठे संसार में,
आ कर थाम लो मेरा हाथ, हे अंजनि कुमार!
ना जाने कौन सी मिट्टी के, बने हैं बजरंगबली,
जिनकी ताकत के आगे तो, काल की भी ना चली।
पर्वत भी राई बन जाता, इनके एक प्रताप से,
इनकी भक्ति से ही खिलती, मन की सूखी कली।
सिंदूरी चोला है जिनका, और लाल लंगोट है,
इनके नाम के पत्थर में भी, कभी न आती खोट है।
भक्तों की रक्षा की खातिर, दौड़े आते हैं सदा,
इनकी गदा की दुश्मन पर, पड़ती गहरी चोट है।
राम कथा सुनने को जो, रहते हैं सदा तैयार,
ऐसे परम राम-भक्त से, करता है जग प्यार।
जिनके मन में राम बसे हैं, होंठों पे सिया-राम,
वो हनुमान ही कर सकते हैं, मेरा बेड़ा पार।
अतुलित बल के धाम हैं जो, ज्ञानी गुनी निधान,
जिनकी महिमा गाता है, ये सारा ही जहान।
संकटमोचन नाम है जिनका, करते संकट दूर,
चरणों में उनके करते हैं, हम सब अपना ध्यान।
हाथ जोड़ कर करूं विनती, सुन लो पवन कुमार,
मेरे भी सब काज संवारो, हे जग के आधार।
भक्ति की शक्ति से तुम्हारी, मिटता हर अंधियार,
तुम ही हो मेरे तारणहारे, तुम ही पालनहार।
छोड़ मोह जगत का, बस राम नाम रस पीते हैं,
बजरंगबली के भक्त, इनके ही बल पर जीते हैं।
कठिन डगर हो जाती है, पलभर में आसान यहाँ,
मारुति नंदन की भक्ति के, जो मीठे अमृत पीते हैं।
रामदूत अतुलित बलधामा जिनकी महिमा भारी है,
इनके नाम से कांपे यमराज, और दुनिया सारी है।
जो भी पढ़े हनुमान चालीसा, डर से हो जाए मुक्त,
बजरंगबली की शरण में ही, सुख की फुलवारी है।
आंखों में है तेज अनोखा, मुख पर है मुस्कान,
दुष्टों के संहारक हैं वो, भक्तों की हैं जान।
केसरी नंदन की महिमा का, कैसे करूं बखान,
स्वयं राम भी करते हैं, अपने हनुमान का मान।
जब जब जीवन में आए हैं, घोर उदासी के साये,
तब तब मेरे बजरंगी ही, मुझको राह दिखाए।
रामजी की जो कृपा है पानी, भजो हनुमत नाम,
इनके नाम की नाव ही भवसागर पार कराए।
