Bageshwar Dham Shayari
श्री बागेश्वर धाम सरकार पीठाधीश्वर श्री पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी, अपनी प्रेरणादायक वाणी और अद्भुत भक्ति भाव के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके वचनों में केवल अध्यात्म की गहराई ही नहीं, बल्कि जनमानस को जोड़ने की शक्ति भी है। उनकी शायरियाँ हृदय को छूने वाली और जीवन को एक नई दिशा देने वाली होती हैं।
इस पोस्ट में हमने पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा कही गई Bageshwar Dham Shayari का एक संग्रह प्रस्तुत किया है, जो न केवल आपके मन को शांति और सुकून प्रदान करेगा बल्कि आपको अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा। आइये, इन अमूल्य Bageshwar Dham Shayari का आनंद लें और अपने जीवन में सकारात्मकता एवं शांति का अनुभव करें।
प्रेम में ताकत है पूरी दुनिया को झुकाने की,
वरना क्या जरूरत थी मेरे राम को,
शबरी के जूठे बेर खाने की।।
जय बागेश्वर बालाजी
किसी को सम्मान चाहिये किसी को इनाम चाहिये।
मुझे तो कुछ जरूरत नहीं है, बस
अपने नाम के साथ तेरी मोहब्बत का नाम चाहिये।
जय हनुमान जी
अगर हुआ धर्म पर घात तो प्रतिघात करूंगा।
मैं हिन्दू हूं, हिन्दुत्व की बात करुंगा।।
जय बागेश्वर बालाजी
दुनिया की हर मोहब्बत मैने स्वार्थ से भरी पायी है,
पर प्यार की खूशबू तो सिर्फ तेरे चरणों से आई है।।
जय बागेश्वर बालाजी
सितारों को आंखों में महफूज रखना,
क्योंकि बहुत देर तक रात ही रात होगी।
मुसाफ़िर हो तुम भी, मुसाफ़िर हैं हम भी; बालाजी ने चाहा तो किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी।।
जय बागेश्वर बालाजी
मैं तन्हाई में फरियाद तो कर सकता हूं, बिराने दिल में, इस दिल को आबाद तो कर सकता हूं।
जब चाहूं तुम्हें मैं मिल न सकूं, तो क्या हुआ !
लेकिन तुझे मैं हर पल याद तो कर सकता हूं।।
जय जय जय बजरंगबली जी
अभी सूरज नहीं डूबा, जरा सी शाम होने दो;
बदनाम करने का बहाना ढूंढता है जमाना, मैं
खुद बदनाम हो जाउंगा, पहले नाम तो होने दो।।
जय बागेश्वर बालाजी
ना हमें चांद की चाहत है ना तारों की फरमाइश।
हर पल तुम मेरे साथ रहो बस यही मेरी ख्वाहिश।।
जय बागेश्वर बालाजी
Top Bageshwar Dham Shayari
बन जाते हैं लाखों रिश्ते जब पैसा पास होता है, टूट जाता वो रिश्ता गरीबी में जो सबसे खास होता है।
जय हनुमान जी की
जिंदगी में जिंदगी का राज पाना चहिये,
जिंदगी में जिंदगी को मुस्कुराना चहिये।
जिंदगी में जिंदगी की शर्त अगर पूर्ण हो,
तो जिंदगी को जिंदगी से रूठ जाना चाहिये।।
जय बागेश्वर बालाजी
तुम्हारे प्रेम में पल पल हमारी आंखें तरसती हैं।
तुम अगर ना दिखो ना मिलो;
तो बादल से ज्यादा बरसती हैं।।
जय बागेश्वर बालाजी
मैं ग़र तड़पूं तो तड़पूं, पर तुम ना मेरे लिए तड़पना।
तुम अगर तड़पे तो मशहूर हो जाऊंगा मैं।।
मैं अगर देखूं तो देखूं पर तुम न मुझे देखना।
तुमने ग़र देखा तो, आंखों से दूर हो जाऊंगा मैं।।
मैं अगर चाहूं तो चाहूं पर, तुम ना मुझको चाहना।
तुमने अगर चाहा तो फिर मगरूर हो जाऊंगा मैं।।
Bageshwar Dham Shayari
किसी से उनकी मंजिल का पता पाया नहीं जाता, जहां वो हैं फरिश्तों से वहां जाया नहीं जाता। आज किसी के लिए यह दिल मकसूद होता है, यह वो नगमा है जो हर साज पर गाया नहीं जाता।।
जय बागेश्वर बालाजी
दुनिया ने बहुत कोशिश की मुझे रूलाने की। पर मेरी जिम्मेदारी उठा रखी है हनुमानजी ने हंसाने की ।।
जय बागेश्वर बालाजी
जो तुम्हें चाहेगा, तुमसे कुछ नहीं चाहेगा।
प्रेम में जो जिसको चाहता है,
उससे कुछ नहीं चाहता है ।।
अगर कुछ चाहता है तो फिर वह प्रेम नहीं है।।
जय बागेश्वर बालाजी
जय बाला जी जय हनुमान
जय जय जय बागेश्वर धाम.....
तेरे दर पर जो भी आता,
खाली हाथ न कोई जाता।
जहाँ बनते हैं बिगड़े काम,
वो है बागेश्वर धाम।
वो है बागेश्वर धाम।।
जय बाला जी जय हनुमान
जय जय जय बागेश्वर धाम..
जय बागेश्वर बालाजी
भूत प्रेत सब भरे हाजिरी,
माफी मांगे करे चाकरी,
बाला जी की गदा बहुत बलवान।
जय हो गढ़ा वाले भगवान,
जय हो गढ़ा वाले भगवान,
जय बाला जी जय हनुमान।।
जय जय जय बागेश्वर धाम...
जय बागेश्वर बालाजी