मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा लिरिक्स | कृष्ण भजन

8 min read
Add as a preferred source
साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी) का प्रसिद्ध कृष्ण भजन 'मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा' लिरिक्स और भावार्थ हिंदी में पढ़ें। दिल छू लेने वाला भजन!
मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा लिरिक्स | कृष्ण भजन
ADVERTISEMENT
Listen to article
8 minutes

जय श्री कृष्ण! भक्ति रस से सराबोर श्री धाम वृन्दावन की पावन भूमि जहाँ राधा-कृष्ण के मधुर संकीर्तन की गूंज हर हृदय को शांति प्रदान करती है, वहीं कुछ ऐसे भजन हैं जो सीधा आत्मा का तार परमात्मा से जोड़ देते हैं। ऐसा ही एक परम प्रसिद्ध और अति लोकप्रिय भजन है— “मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा”

परम पूज्या साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी) और पूज्य चित्र-विचित्र जी महाराज की मधुर वाणी में गाया गया यह भजन हर संकीर्तन और जन्माष्टमी उत्सव की पहली पसंद है। इस भजन में एक निष्पाप भक्त का अपने गिरधर गोपाल पर वह अटूट विश्वास झलकता है कि यदि सच्चे दिल से पुकारा जाए, तो प्रभु को आना ही पड़ता है।

यदि आप भी “मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा लिरिक्स (Maine Mohan Ko Bulaya Hai Lyrics)” और इसका सुंदर आध्यात्मिक अर्थ (Meaning) खोज रहे हैं, तो इस लेख में आपको संपूर्ण प्रामाणिक बोल प्राप्त होंगे।

ADVERTISEMENT

‘मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा’ - भजन परिचय

श्री कृष्ण भक्ति की परंपरा में भक्त और भगवान का संबंध केवल राजा और सेवक का नहीं, बल्कि सखा, प्रियतम और मसीहा का है। इस भजन की एक-एक पंक्ति में भक्ति रस (Bhakti Ras) की वह त्रिवेणी बहती है जो किसी भी श्रोता की आंखों को नम कर देती है।

विवरण कारकविवरण जानकारी
भजन का नाम (Song Title)मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा
मुख्य गायक (Popular Singer)साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी) / चित्र-विचित्र जी महाराज / सुमित सैनी
मुख्य विषय (Theme)श्री कृष्ण अनन्य भक्ति, भगवद् विश्वास, वृन्दावन प्रेम रस
भाषा / बोली (Language)सुगम हिंदी एवं ब्रज मिश्रित काव्यात्मक भाषा
उपयुक्त अवसर (Auspicious Days)श्री कृष्ण जन्माष्टमी, राधाष्टमी, एकादशी एवं दैनिक संकीर्तन
काव्य रस (Poetic Tone)शांत रस एवं माधुर्य भक्ति रस (Pure Devotional Aesthetics)

ADVERTISEMENT

🎵 ‘मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा’ - संपूर्ण भजन के बोल (Full Lyrics in Hindi) 🎵

नीचे इस सुप्रसिद्ध कृष्ण भजन के प्रारंभिक पद (गज़ल/शेर), मुख्य मुखड़ा और सभी अंतरों के शुद्ध एवं स्पष्ट बोल दिए गए हैं:

॥ प्रारंभिक पद / मंगलाचरण ॥
श्याम के जब से नैन हुए हैं चार,
श्याम बने हैं राधिका और राधा बन गयी श्याम।
सामने आओगे या आज भी परदा होगा,
रोज़ अगर ऐसा ही होगा तो कैसा होगा॥

॥ मुखड़ा ॥
मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा।
वो आता होगा, वो आता होगा...
मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा॥

॥ पहला अंतरा ॥
तुम भी आना मेरे घर, आज तमाशा होगा,
तुम भी आना मेरे घर, आज तमाशा होगा।
सामने आओगे या आज भी परदा होगा,
मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा॥

॥ दूसरा अंतरा ॥
मौत आती है तो आ जाये, नहीं गम कोई,
मौत आती है तो आ जाये, नहीं गम कोई।
वो भी तो आएगा जो मेरा मसीहा होगा,
वो भी तो आएगा जो मेरा मसीहा होगा।
तुम भी आना मेरे घर, आज तमाशा होगा,
मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा॥

॥ तीसरा अंतरा ॥
हम गुनाहगारों ने सोचा ही नहीं था प्यारे,
हम गुनाहगारों ने सोचा ही नहीं था प्यारे।
ज़िक्र मोहन की गली में भी हमारा होगा,
ज़िक्र मोहन की गली में भी हमारा होगा।
तुम भी आना मेरे घर, आज तमाशा होगा,
मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा॥

📖 भजन का संपूर्ण आध्यात्मिक भावार्थ (Line-by-Line Meaning)

इस भजन के प्रत्येक शब्द में गूढ़ वेदांत और प्रेम भक्ति का मर्म छिपा हुआ है। आइए इसके अर्थ को सरल शब्दों में समझें:

1. प्रारंभिक पद (मंगलाचरण) का भावार्थ:

“श्याम के जब से नैन हुए हैं चार, श्याम बने हैं राधिका और राधा बन गयी श्याम…”

अर्थ: जब से श्री राधा और श्री कृष्ण का दिव्य मिलन हुआ है, तब से दोनों एक-दूसरे के रंग में ऐसे रच-बस गए हैं कि श्याम में श्री राधा और श्री राधा में श्याम ही दृष्टिगोचर होते हैं। भक्त प्रभु से लाड़ जताते हुए कहता है कि हे सांवरिया! क्या आज भी आप अपने भक्त के सामने परदे में ही रहेंगे? यदि प्रतिदिन ऐसा ही छलावा रहेगा तो भक्त का काम कैसे चलेगा!

2. मुखड़े का भावार्थ:

“मैंने मोहन को बुलाया है, वो आता होगा…”

अर्थ: भक्त को अपनी साधना पर नहीं, बल्कि अपने सांवरिया सरकार की दयालुता पर पूरा भरोसा है। वह पूर्ण विश्वास से कहता है कि मैंने अपने कान्हा को दिल से पुकारा है और वे अवश्य आ रहे होंगे।

3. प्रथम अंतरे का भावार्थ:

“तुम भी आना मेरे घर, आज तमाशा होगा, सामने आओगे या आज भी परदा होगा…”

अर्थ: भक्त संसार के लोगों को और अपने मन के संशयों को चुनौती देते हुए कहता है कि आज मेरे घर आओ और देखो कि मेरे ईश्वर अपने भक्त की पुकार पर कैसे आते हैं। आज तो प्रभु को साक्षात दर्शन देना ही पड़ेगा।

4. द्वितीय अंतरे का भावार्थ:

“मौत आती है तो आ जाये, नहीं गम कोई, वो भी तो आएगा जो मेरा मसीहा होगा…”

अर्थ: इस पद में निष्काम समर्पण की पराकाष्ठा है। भक्त कहता है कि मुझे संसार के किसी दुख या मृत्यु का भी डर नहीं है, क्योंकि जब अंतिम समय आएगा तो मेरा मसीहा (श्री कृष्ण) स्वयं मुझे अपनी शरण में लेने अवश्य आएगा।

5. तृतीय अंतरे का भावार्थ:

“हम गुनाहगारों ने सोचा ही नहीं था प्यारे, ज़िक्र मोहन की गली में भी हमारा होगा…”

अर्थ: भक्त की विनम्रता का अनुपम उदाहरण है कि हम पापियों और साधारण जीवों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि श्री धाम वृन्दावन और मोहन की पावली गली में कभी हमारा नाम भी लिया जाएगा। यह केवल प्रभु की अहैतु की कृपा है।


🌸 श्री कृष्ण भक्ति में इस भजन का महत्त्व

  1. अटूट विश्वास का संचार: यह भजन निराश या दुखी मन में भगवान के प्रति दृढ़ विश्वास जागृत करता है।
  2. वृन्दावन संकीर्तन की पहचान: किसी भी संकीर्तन, प्रभात फेरी या भजन संध्या में जब यह गीत गाया जाता है, तो पूरा पांडाल तालियों की गूंज और झूमते भक्तों से भर जाता है।
  3. जन्माष्टमी और राधाष्टमी उत्सव: जन्माष्टमी पर भगवान के जन्मोत्सव के स्वागत में यह भजन विशेष रूप से गाया जाता है।

🙋‍♂️ Frequently Asked Questions & Interactive Quiz Deck

'मैंने मोहन को बुलाया है' - Interactive Knowledge Quiz

1 / 5
Question 1

यह प्रसिद्ध कृष्ण भजन मुख्य रूप से किस पूज्या गायिका की आवाज में सबसे लोकप्रिय हुआ?

Tap card to reveal answer
Answer

परम पूज्या साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी) और चित्र-विचित्र जी महाराज द्वारा।

Question 2

भजन की मुख्य पंक्ति 'मैंने मोहन को बुलाया है' का आध्यात्मिक संदेश क्या है?

Tap card to reveal answer
Answer

भगवान के प्रति निष्काम प्रेम और यह विश्वास कि सच्ची पुकार पर ईश्वर अवश्य आते हैं।

Question 3

भजन के प्रारंभिक मंगलाचरण में किन दो दिव्य स्वरूपों के एकरूप होने का वर्णन है?

Tap card to reveal answer
Answer

श्री राधा और श्री कृष्ण का, जहाँ दोनों एक-दूसरे के रंग में लीन हो गए हैं।

Question 4

भजन में 'मसीहा' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?

Tap card to reveal answer
Answer

भगवान श्री कृष्ण (सांवरिया सरकार) के लिए, जो संकट में रक्षा करते हैं।

Question 5

किस पावन अवसर पर यह भजन गाना सर्वाधिक फलदायी और लोकप्रिय माना जाता है?

Tap card to reveal answer
Answer

श्री कृष्ण जन्माष्टमी, राधाष्टमी, एकादशी एवं वृन्दावन भजन संध्या में।

Use arrows to navigate | Space to flip

📌 निष्कर्ष (Conclusion)

“मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा” केवल एक भजन नहीं है, बल्कि यह श्री कृष्ण अनुरागी भक्तों का जीवन मंत्र है। इस भजन को सुनने और गाने मात्र से मन की सारी चिंताएं समाप्त हो जाती हैं और हृदय प्रभु भक्ति में सराबोर हो जाता है।

यदि आपको यह कृष्ण भजन लिरिक्स आलेख पसंद आया हो, तो इसे अपने परिजनों और मित्रों के साथ साझा करें। कमेंट में ‘जय श्री कृष्णा’ लिखना न भूलें!

जय श्री राधे-श्याम! श्री धाम वृन्दावन बिहारी लाल की जय! 🚩🌸

ADVERTISEMENT
Sandhata
Curated BySandhata
Editor-in-Chief

Poetry curator and Editor-in-Chief, selecting and crafting heart-touching Hindi Shayari, Gazals, Love Quotes, and Status collections.

View all Shayari by Sandhata

Related stories

Notification Status