Top Waqt Shayari in Hindi | वक्त पर शायरी

50+ Waqt Shayari in Hindi—दर्द, अनुभव और जीवन की सच्चाइयों पर आधारित वक्त शायरी। पढ़िए: “इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ…”
PUBLISHED BY MR. SANDHATA
Loading...

BEST SHAYARI ON TIME [WAQT]

Time (waqt) is the greatest teacher in life. It heals, tests, and shapes us in ways we often don’t expect. Whether it brings joy or pain, time leaves its mark on every heart. To express these moments of change and realization, people often turn to Waqt Shayari, which beautifully captures the essence of life’s turning points.

In today’s fast-moving world, meaningful words have the power to slow us down and make us think. If you are searching for deep, thoughtful, and heart-touching lines about time, destiny, and life’s experiences, this post is perfect for you. Our Top Waqt Shayari Collection brings emotions, wisdom, and reality together in simple yet impactful words.

Below, you will find a rich collection of Hindi shayari reflecting the value of time, the lessons it teaches, and the changes it brings in relationships and life. These lines are ideal for WhatsApp, Instagram, and Facebook. Explore the shayari below and choose the ones that match your feelings and express your thoughts beautifully.

वक़्त (TIME) एक ऐसा साया है, जो कभी साथ चलता है और कभी छांव छोड़ देता है। जब वक़्त अच्छा होता है, तो हर चीज़ आसान लगती है, लेकिन जब बुरा समय आता है, तो वही ज़िंदगी एक इम्तिहान सी लगती है। वक़्त की सच्चाई, उसकी बेरुखी, उसकी अहमियत और उससे जुड़ी हर भावनाओं को शब्दों में बयां करती हैं ये WAQT SHAYARI जो नीचे दी गयी हैं।

Waqt par Shayari - Post thumbnail image
इस पोस्ट में आपको मिलेंगी वक्त पर लिखीं गयी शानदार शायरी, जो वक़्त के हर पहलू को छूती हैं – चाहें वो गुज़रा वक़्त हो, आज का समय, या आने वाला कल। हर शायरी के साथ एक इमोशनल, सोच में डालने वाली या दिल छू लेने वाली इमेज जो आपके जज़्बातों को और गहराई देगी।

घड़ी से लाख महंगा तो घड़ी का वक्त होता है।
जो इसकी कद्र करता है उसी का वक्त होता है।।
उदासी लुफ्त लेने को चली आती है महलों से।
हमारी झोपड़ी में जब भी खुशी का वक्त होता है।।
सितम यह है कि हम जैसे गरीबों की कलाई में।
घड़ी होती किसी की है किसी का वक्त होता है।।

मैं तन्हाई को तन्हाई में तन्हा कैसे छोड़ दूं!
तन्हाई ने तन्हाई में मेरा तन्हा साथ दिया था।।

Waqt par Shayari - Image 1

पूछा हाल शहर का तो सर झुका के बोले।
लोग तो जिंदा हैं जमीरों का पता नहीं।।

Waqt par Shayari - Image 2

दिल की ना सुन यह फकीर कर देगा!
वो जो उदास बैठे हैं नवाब थे कभी।

Waqt par Shayari - Image 3

वहम न पाल दिल से उतर जाएगा।
वक्त का क्या गुजरता है गुजर जाएगा।।

Waqt par Shayari - Image 4

तुम्हें मुझमें ना शायद "पहली सी बात" मिले!
खुद अपने वास्ते अब "कोई दूसरा" हूं मैं।।

Waqt par Shayari - Image 5

तलाश न जाने किसकी है इन आंखों को?
हासिल सब कुछ है मगर तसल्ली फिर भी नहीं।

Waqt par Shayari - Image 6

कोई हमदर्द हमने जमाने में न पाया..!
दिल को हसरत ही रही "कोई हमारा होता"।

Waqt par Shayari - Image 7

दुआ करो कि किसी का दिल न लगे तुमसे।
लगे तो और किसी से लगा हुआ न लगे।।

Waqt par Shayari - Image 8

किसी ने मोहब्बत तो किसी ने प्यार लिखा।
किसी ने प्रतिक्षा तो किसी ने इंतजार लिखा।।
शब्दों का ही जादू है कि कोई पसंद आया।
किसी के समझ आया किसी ने इंकार लिखा।।

Waqt par Shayari - Image 9

राह-ए-वफा में हमको खुशी की तलाश थी।
दो कदम ही चले कि हर कदम पर रो पड़े।।

Waqt par Shayari - Image 10

इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ।
ऐ जिन्दगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ।।

Waqt par Shayari - Image 11

जरा रूको तो रिझाने में वक्त लगता है।
बुरे दिनों को भुलाने में वक्त लगता है।।
हर किसी से रखें ताल्लुक कोई खास बात नहीं।
पर किसी को अपना बनाने में वक्त लगता है।

Waqt par Shayari - Image 12

बुरा वक्त तजुर्बा तो देता है,
मगर मासूमियत छिन लेता है।

Waqt par Shayari - Image 13

वक्त जब करवट लेता है तो,
सल्तनत से शहजादे भी उठा लिए जाते हैं।

Waqt par Shayari - Image 14

आप भी आईना देखके समझने की कोशिश करेंगे,
एकदिन अपने आपको जानने की कोशिश करेंगे।
जिंदगी जब कांच की तरह तोड़कर तबाह कर देगी,
उन टूटे हुए टुकड़ों को समेटने की कोशिश करेंगे।।

Waqt par Shayari - Image 15

बुरा वक्त तो सबका आता हैं।
कोई बिखर जाता हैं कोई निखर जाता है।

तुझे चाहने वाले भी कम ना होंगे,
वक्त के साथ शायद हम ना होंगे।
चाहे किसी को कितना भी प्यार देना,
पर तेरी यादों के हकदार सिर्फ हम होंगे।।

कितना भी पकड़ो फिसलता जरूर है।
यह वक्त है साहब बदलता जरूर है।।

Waqt par Shayari - Image 16

वक्त की यारी तो हर कोई कर लेता है,
मजा तो तब है जब,
वक्त बदले पर दिलदार न बदले।।

वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख़्म को नासूर कर देता है।
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।।

Waqt par Shayari - Image 17

तुझे वक्त के साथ तो चलना पड़ेगा।
जो बदलेगा रूट तो बदलना पड़ेगा।।

Waqt par Shayari - Image 18

वक्त की रफ़्तार भी रुक गयी होती,
शर्म से आँखें झुक गयी होती।
अगर दर्द जानती शमा परवाने का,
तो जलने से पहले ही बुझ गयी होती।।

वो वक़्त भी बहुत खास होता है।
जब सर पर माता-पिता का हाथ होता है।।

वक्त चाहे जैसा भी हो बीतता जरुर है।
आदमी अगर ठान ले तो,
वक्त से जीतता जरूर है।

वक्त का खास होना जरूरी नही,
खास लोगों के लिए वक्त होना जरूरी है !

Waqt shayari in Hindi

ये वक्त गुजरता रहता है,
इंसान भी हमेशा बदलता रहता है।
संभाल लो खुद को तुम जनाब,
वक्त खुद चीख कर कहता है।।

वक्त मौसम व लोगों की एक ही फितरत है,
कब कहाँ बदल जाए कुछ कह नहीं सकते !

Waqt par Shayari - Image 19

मेरे महबूब की प्यारी बातें,
मेरे हर पल को हसीन बनाती है।
इंतजार भी करता हूं उसका, तो
उस वक्त को भी सुंदर बनाती है।।

कभी वक्त मिला तो जुल्फें तेरी सुलझा दूंगा।
आज खुद उलझा हूं वक्त को सुलझाने में।।

Waqt par Shayari - Image 20

अभी तो थोडा वक्त हैं उनको आजमाने दो।
रो-रोकर पुकारेंगे वो हमारा वक्त तो आने दो।।

धीरज से पढ़ लेंगे खामोशियों को,
अभी उलझनों में उलझे हैं,
जरा वक्त लगेगा संभलने में।।

ग़र रोऊंगा तो पलकों पे नमी रह जायेगी,
ज़िन्दगी बस नाम की जिन्दगी रह जायेगी।
ये नहीं कि तुम बिन जी न पाउँगा, हाँ मगर
जिन्दगी में हर वक्त एक तेरी कमी रह जायेगी।।

वो जो बदलने का बहुत शौक रखते थे,
आखिरी वक्त न कह पाये कफ़न ठीक नही !

ज़िन्दगी की भी अजीब सी कहानी है,
किसी के साथ हम वक़्त भूल जाते है,
तो कोई वक़्त के साथ हमें भूल जाता है।

आज तेरा वक्त है, तो कल मेरा भी होगा।
ग़र अभी है शाम, तो कल सबेरा भी होगा।।

एहसान तुम्हारे एकमुश्त किश्तों में चुकाए हैं हमनें,
कुछ वक्त लगा पर अश्कों के सूद चुकाए हैं हमनें।।

फुर्सत निकालकर आओ तो कभी मेरी महफ़िल में।
लौटते वक्त शायद दिल नहीं पाओगे अपने सीने में।।

वो तो वक्त सी थी जो गुजर गई।
और मैं यादों सा था जो ठहर गया।।

कितना भी समेट लो हाथों से फिसलता ज़रूर है।
ये वक्त है प्रिये ! बदलता ज़रूर है।।

बुरे वक्त में जो साथ दे वही होते हैं अपने,
बीच राहों में जो छोड़ दें, वो नहीं होते अपने !

तो क्या हुआ अग़र महंगे
खिलौने के लिए जेब में पैसे नहीं।
मैं वक्त देता हूँ अपनों बच्चों को,
जो अमीरों को मयस्सर नहीं।।

ए वक्त जरा संभल के चल,
कुछ लोगों का कहना है, तू बहुत बुरा है।

कौन कहता है कि वक्त बहुत तेज गुजरता है।
कभी किसी का इंतजार करके तो देखो।।

वक्त रहते अगर बात हो जाती,
तो शायद बात ज्यादा नहीं बिगड़ पाती !

प्यार अगर सच्चा हो तो कभी नहीं बदलता,
न वक्त के साथ, न हालात के साथ।।

वक्त नहीं लगता दिल को दिल तक आने में।
पर सादियों लग जाती हैं एक रिश्ता भूलने में।

मैं तो वक्त से हार कर सर झुकाए खड़ा था,
सामने खड़े लोग ख़ुद को बादशाह समझने लगे।।

औरों की मर्जी से कभी जिया नहीं करते।
हम वक्त पर अफसोस किया नहीं करते।।

Waqt par Shayari - Image 21

खूब करता है, वो मेरे ज़ख्मों का इलाज।
कुरेद कर देख लेता है कहता है वक्त लगेगा।।

वक़्त बदलने से उतनी तकलीफ नहीं होती।
जितनी अपनों के बदल जाने से होती है।।

Waqt par Shayari - Image 22

काश गुमराह दिल को ये बात मालूम होती,
मोहब्बत उस वक्त तक दिलचस्प है,
जब तक नहीं होती।।

तुम्हारा किया तुम्हें जरूर बतलाता है।
समय आइना जरूर दिखलाता है।।

शायद यह वक़्त हमसे कोई चाल चल गया,
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढ़ल गया।

अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही थी,
चलो किसी मोड़ से शुरू करें फिर से नयी जिंदगी।

दिल खोल कर हंसना तो मैं भी चाहता था।
जिम्मेदारियों के बीच कभी वक्त नही मिला।।

Waqt par Shayari - Image 23

बुरा हो वक्त तो सब आजमाने लगते हैं,
बड़ो को छोटे भी आँखे दिखाने लगते हैं।
नये अमीरों के घर भूल कर भी मत जाना,
वे हर एक चीज की कीमत बताने लगते हैं।।

Waqt par Shayari - Image 24

वक्त की धुंध में छुप जाते हैं कई ताल्लुक,
कई दिनों तक किसी की आँख से ओझल ना रहिये।।