Bewafa Shayari in Hindi
Love is beautiful, but sometimes it leaves behind a silent storm in the heart. When someone becomes *bewafa*, the pain feels heavier than words can express. In those moments, Bewafa Shayari becomes a gentle companion—helping us release the emotions we carry within. It reminds us that heartbreak is not weakness, but a sign of how deeply we once loved.In India, poetry has always been a soulful medium to express dil ka dard. Whether it’s betrayal, separation, broken trust, or unanswered love—Bewafa shayari captures every shade of pain with powerful simplicity. These lines touch the heart because they come from real experiences, real memories, and real feelings.
So if your heart is hurting, or you simply want to feel the depth of emotions hidden behind silence, this collection of Bewafa Shayari in Hindi will speak to you. Read, relate, and let every word heal a little part of your soul—because even after betrayal, life still moves forward, and the heart learns to shine again.
भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है।।
तो हाथ फैला दिया हमने।
वरना हम तो अपनी जिंदगी के लिए
कभी दुआ भी नहीं मांगते।।
जो खुद फरेबी थे, मेरे हर सच को फरेब समझे।।
लोग पढ़ेंगे जरूर मगर चप्पल उतार कर।।
वो कभी तुम्हारा होकर भी तो देखा होगा।।
ले मैं तेरी तलब भूल गया, अब खुश।।
जो मैं था उसको तो दफनाए अरसा हो गया।।
एकबार लौटके आजा यादें ले जाने के लिए।
Ab to bas matalabon ke jooloos hain,
Aur bas jarooraton ke salaam..
बाक़ी मेरी हर गलती का हिसाब बराबर रखती हो।।
मैं जिसको अपना मानूं वो बेवफा हो जाता है।।
Top Bewafa Shayari in Hindi
वफ़ा का नाम लेते ही बेवफा की याद आती है।।
मेरे प्यार के इजहार से मुकर जाने का।
और वो रो भी ना सकेंगे आंसू छिपाकर।।
वरना हमने तो बेबसी को बेबस कर रखा है।।
आपने दस्तूर ही बना लिया;
हर इल्जाम मुझ पर लगाने का।।
ज़ख़्म भर गए है, लेकिन दर्द आज भी है।।
तेरे सर पे मेरी मोहब्बत का कर्ज आज भी है।।
बातों के सिलसिले भी कम हो गए।।
पता नहीं गलती किसकी है;
बुरा वक्त है या बुरे हम हो गए।।
गर जिंदगी हमेशा होती चमन तो वीराने कहाँ जाते।
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई गैर तो निकला,
सभी गर अपने होते तो बेगाने कहाँ जाते।।
अब खोने को कुछ बाकी कहां रखा है।।
जिन्दा हूँ तो सिर्फ तुझे पाने की चाह में ।
वरना जुदाई का जहर पीने में क्या रखा है।।
तुम भी कह दे तो क्या बुराई है।
अच्छे अच्छों ने हमको धोखा दिया,
तुम भी दे दो तो क्या बुराई है।।
काफी हक़ जताने लगे थे, माफ करना यार..
अच्छी यादों की कसक नहीं जाती।।
पर पता नहीं तूं कैसे हो गई बेवफा।
दूर होने पर भी तेरी महक नहीं जाती।।
तु ही बता दे मुझसे क्या हो गई खता।।
मैंने तो तुझसे प्यार किया, तुझको ही चाहा।
फिर तू किस लिए मुझको ऐसी दे गयी सजा।।
फिर भी तुम्हारे साथ में चलना पड़ा मुझे।।
मैं बेवफा नहीं हूं, यकीन मेरा कीजिए।
जब तुम बदल गए तो बदलना पड़ा मुझे।।
मेरी शायरी पर यकीं कर एक बेवफा इंसान हूं मैं!
इश्क़ में मरीजों को आराम नहीं आता।।
ये बेवफा दिल तोडनें से पहले ये सोचा होता।
कि टूटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता।।
आप भी कभी खफा होंगे सोचा ही नहीं था,
जो गीत लिखे थे कभी प्यार में तेरे,
वही गीत कभी रुसवा होंगे सोचा ही नहीं था।।
इतने मेरे गुनाह ना थे जितनी सजा मिली।।
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया कि,
आज तक किनारा नहीं मिला।।
पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था !!
फिर देखना तुझको कितना याद आऊंगा।।
चाहे कर ले तू मुझ पर सितम कितने भी।
तुझसे करके मैं फिर भी वफ़ा जाऊंगा।।
कभी जो आंखों के एक इशारे से लिपट जाती थी।
पर इल्ज़ाम किसी और को देती है।
पहले नाम था मेरा उसके होठों पर,
अब वो नाम किसी और का लेती है।।
भूल से कहीं याद तुम्हें हम आ जायेंगे।
अहसास होगा तुमको हमारी मोहब्बत का,
जब कहीं हम तुमसे बहुत दूर चले जायेंगे।।
थोड़ा कड़वा ही तो था, मगर बेवफा नहीं।
कभी याद आकर उसकी जुदाई मार गयी।
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने;
आखिर में उसकी ही बेवफाई मार गयी।।
मरते दम तक तुझे चाहने की जुबां दे दुं।
ना कोई हसरत रखूं, ना रखू कोई आरज़ू;
बस तेरी खामोशी को वफा का नाम दे दुं।।
कि उसकी यादों में तो रोना भी मंज़ूर था।
बेवफ़ा भी तो नहीं कह सकते उसको जालिम;
प्यार तो हमने किया, वो तो बेकसूर था।।
अब तो जिस्म के भी बाजार हैं।
हम भी उस बेवफा से दिल लगा बैठे,
जिसके पहले से खुद आशिक हजार हैं।।










