Shayari on Rain | बरसात के मौसम पर लाजवाब पंक्तियां

Shayari on Rain

बरसात के मौसम में जब धरती अपनी भूरी-भरी चादर से लिपट जाती है, और बादल गहरी गहरी घटाएं छाती हैं, तो सृष्टि एक नयी जीवंतता से भर जाती है। हर बूंद ज़मीन पर ठहरते ही एक नया जीवन उगता है, हर बूंद एक नया आशा के संकेत को देती है। ये मौसम अपनी गहराई में हमारे अंतरंग को छूने का जरिया बन जाता है, हमें अपने आप के साथ कुछ अनुभवों को साझा करने की पुकार करता है। बरसात की बूंदों की मधुर संगीतमयी ध्वनि, पत्तों की रसभरी खुशबू, और जमीन पर उत्पन्न होने वाली मिटटी की गंध, सब मिलकर हमें इस प्रकृति की अद्भुतता के साथ जोड़ देते हैं। 

बरसात के मौसम में हम अपने आप को प्रकृति के साथ मेल करते हुए, एक अद्वितीय संबंध में खो जाते हैं और नयी उमंगों के साथ अपने जीवन की यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। यहां बरसात के मौसम पर कुछ पंक्तियाँ दी गयी हैं:

1. बरसात की बूँदों से चमकती है ये धरा,
   हर बूँद एक कहानी, हर बूँद एक नयी तरह।

Rain shayari
2. मौसम बरसात में जब आवाज़ उठाती है,
   हर पत्ती अपना दर्द खुदा को सुनाती है।
3. बारिश की बूँदों में मिलती है राहत,
   जैसे कीसे के आगे हो चुकी हो बात।
4. बरसात की बूँदें छूने लगीं ज़मीन को,
   सब रंग दे रही हैं चमकती हुई सदियों को।
5. जब बादल छाएं और बूँदें गिराएं,
   इस दिल की ज़द में ख्वाबों को सजाएं।
6. बरसात की बूँदों की गुदगुदाहट के साथ,
   खो जाता है दर्द, खो जाती है फ़िक्र की रात।
7. मौसम की बरसात बनाती हैं यादें यादगार,
   जब ये तराशी जाती हैं अपने अदब नये नये कर।
8. जब बारिश की रिमझिम हर रात भर हो,
   धरती की गोद में ज़रूर कोई ख़्वाब सहर हो।
9. बरसात के मौसम में जब यादें भी बरसती हैं,
   दिल के दरवाज़े खोले, ज़िंदगी की आरज़ू मुस्काती है।
10. जब बूँदों की गुलशन में फूल खिलने लगें,
    तब आसमान भी रंगीन बन जाता है दिल दिलसे।
11. बरसात की बूंदों का जश्न है ये,
   आँखों में छलकता हुआ आदमाना है ये।
   गीली मिट्टी की खुशबू से भरा है ये,
   आँधी सी लहरों का रूप बना है ये।
12. बरसात की बूंदें गिरकर सजाती हैं ये जमीं,
   हर एक बूंद में छुपा है एक अद्भुत सपनीं।
   बारिश का ये मौसम हर किसी को भाता है,
   जैसे रब की कृपा जमीं पर बरसाता है।
13. बरसात की रातों में धुप की खुशबू बिखरती है,
   रिश्तों की बंधने को ये मौसम तैयार करती है।
   हर एक बूंद में छुपी है प्यार की कहानी,
   मिट्टी की खुशबू में आँखों को भरती है रोने की निशानी।
14. बरसात के मौसम में जीवन की राह बहती है,
   हर एक बूंद से एक नयी कहानी बनती है।
   बारिश की बूँदें अपने सुनहरे सपने लेकर आती हैं,
   दिलों की इच्छाओं को पूरा करने का वादा करती हैं।
15. बरसात के मौसम में यादें जगाती हैं ये,
   चाहत की आग में दिल जलाती हैं ये।
   रोमांच की लहरों में डूब जाती हैं ये,
   हमेशा यादगार पलों को याद दिलाती हैं ये।
16. बरसात की बूंदें मन को शांति देती हैं,
   हर बूंद में एक ख्वाब बसा के आती हैं।
   जब धरती पर बारिश की रिमझिम गिरती है,
   मलिनता को धुंधला करके जीने की ख्वाहिश जगती है।
17. बरसात की रिमझिम सुनहरी बूंदें गिराती हैं,
   खुशी की चिड़िया यहाँ अपना घोंसला सजाती हैं।
   मुद्दतों से रोकी हुई ये ख्वाहिशें फिर जगती हैं,
   बरसात के मौसम में हर एक दिल की कहानी रचती हैं।
18. बरसात की बूंदें सबके दिलों को भिगो देती हैं,
   प्यार की मिठास सबको महसूस करा देती हैं।
   बारिश का ये मौसम सबके लिए खास होता है,
   रोमांच से भरी ये बरसात हर किसी को भाता है।
19. बरसात के मौसम में धुंधला सा रंग छा जाता है,
   हर एक बूंद से ख्वाबों का अद्भुत संगम होता है।
   पानी की बूंदों में जीवन की उम्मीद बहती है,
   बरसात की रातों में प्यार का जश्न मनाती है।
20. बरसात की बूंदें गाती हैं एक गीत प्यार का,
    रोमांच से भरी ये बारिश हर दिल को छू जाती है।
    छप जाती हैं ये बूंदें दिलों की किताबों पर,
    जीवन के हर पन्ने को नया रंग देती हैं ये बरसात की बूंदें।
21. बारिश के मौसम में जीने का अलग ही मज़ा है,
   हर बूँद में छुपी है एक ख़ुशबू की राज़ है।
22. बरसात के मौसम में दिल खो जाता है खुद को,
   हर बूँद अपने अंदर छुपा लेती है एक कहानी।
23. जब बरसात के मौसम में रिमझिम आवाज़ होती है,
   दिल में भी कुछ इस तरह की ख़ामोशी छा जाती है।
24. बारिश की बूँदें झूमती हैं और खेलती हैं,
   मन को भी आराम मिलता है, 
   दिल को बहुत ख़ुशी होती है।
25. बरसात के मौसम में जब चमकते हैं सितारे,
   लगता है ज़िंदगी का हर दिन हो गया सवेरा।
26. बारिश की बूँदें मेरी आँखों में छलकती हैं,
   हर एक बूँद एक कहानी, जो मेरे दिल को भाती है।
27. बरसात के मौसम में रिमझिम सी सुहानी बारिश,
   दिल की गहराइयों में भर जाती है ख़ुशियों की आग़ाज़।
28. बारिश की बूँदों का ख़ूबसूरत नग़मा होता है,
   जब मानो दिल का हर रास्ता खुदा की रफ़्तार होता है।
29. बरसात के मौसम में जब ये ज़मीन नहाती है,
   दिल में ख़ुशियों की बरसात होती है जगमगाती है।
30. जब बारिश की बूँदें गिरकर छू लेती हैं तन मन,
    वो मौसम मग्न हो जाता है, खो जाता है सब गम।