Beautiful shayari for father | पिताजी के लिए शायरी

पिता पर शायरी संग्रह

इस पोस्ट में पिता (FATHER) से सम्बन्धित अधिकांश शायरियांं और अनमोल वचन दिए गये हैं। ये शायरी आपके पिता के लिए विशेष रूप से लिखी गई हैं। पिता हमारे जीवन में अद्वितीय स्थान रखते हैं और हमेशा हमारे लिए प्यार और समर्पण लाते हैं। इन शायरी को आप उन्हें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक तरीका के रूप में शेयर कर सकते हैं।

हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब,
पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ हम ने।

पिता पर शायरी
कोई न पूछे कैसे आप हैं।
अगर घर में न मां बाप हैं।।
दूर कर दें हमारी जो सभी चिंता, 
परेशानियों की जला दें जो चिता।
ख़ुद से ज्यादा हमें जो हर ख़ुशी, 
देने के लिए तत्पर रहें वे हैं पिता।।
पिता बनाते हमारा जीवन चमन हैं, 
जिससे मिलता हमें चैन व अमन है। 
पिता के त्याग और तपस्या के लिए, 
पिताजी को कोटि-कोटि नमन है।।
परिस्थितियों से लड़ते रहते हैं,
पर कभी बताते नहीं।
दर्द तो पिता को भी होता है, 
पर कभी जताते नहीं।।
पिता का हमेशा होता यही भाव है. 
कैसे दूर हो सकते सभी अभाव हैं। 
पिताजी हमको हमेशा सिखाते हैं कि, 
सदैव रखना सबके प्रति सदभाव है।।
पिताजी को नहीं आता यह रास है, 
कि कोई उड़ाए हमारा उपहास है।
इसलिए पिता हमेशा यह कहते हैं कि, 
कुछ ऐसा करो कि बने इतिहास है।।
हम सभी झुकाते पिता को शीश हैं, 
पिता होते जैसे साक्षात जगदीश हैं। 
पिता को हमेशा ही ख़ुश रखने से, 
मिलता अजेय होने का आशीष है।।
पिता ने दिए हमें ऐसे संस्कार हैं, 
जिससे हो सकते सपने साकार हैं।
हमें सही दिशा-दशा देने के लिए, 
पिताजी को फिर-फिर नमस्कार है।।
पिता को घेर लिया फ़िर इसी फ़िक्र ने,
मेरी बेटी दुनिया से कैसे लड़ी होगी।
गरीब हुआ तो क्या हुआ साहेब,   
वो भी बाप हैं ऐक शहेजादी का।
बेटियाँ बाप की आँखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं,    और कोई दूसरा इसे पढ़ ले तो बुरा मानती हैं।
खुदा के घर से एक फरिश्ता आया है, 
धरती पर आकर जो पिता कहलाया है।
अपने बाप की एकलोती बेटी थी वो..
और ससुराल वाले कहते हैं 
तुम्हारे बाप ने दिया ही क्या हैं..
एक मर्द की कामयाबी के पीछे۔۔۔
उसके बूढ़े बाप की जवानी होती हैं।
बच्चों को अपने पैरों पे खड़ा करना था..!! 
बाप के "घुटने" इसी में जवाब दे गए.. :
लगा सका न कोई उसके क़द का अंदाज़ा,
वो आसमां हैं मगर सर झुकाए रहते हैं।
संघर्ष त्याग का अद्भुत संगम हैं पापा, 
दृढ़ ,विनम्र का अद्भुत संगम हैं पापा। 
साहस संयम सरल सत्य का संगम,
अनुपम, स्नेह ,क्रोध का अद्भुत संगम हैं पापा।।
भारी क़दमों से बहुत रात में ज़ीना चढ़ना, 
आपके लौटने तक जागता था घर अपना। 
दौड़ते भागते जाड़ों की घनी रातों में, 
बेहतरी के लिए कुनबे की मशक़्क़त करना।
माँ का आंचल और पिता का साया, 
इस सकून का मिसाल कहाँ।
एक बाप को समझने के लिए, 
बाप होना ज़रूरी है।
सह ठंड-घाम, धूल-धक्का,  
खुद भूखे रह हमें भरपेट रखा जिसने।  
बहनों के पाँवों में पाजेब रखा, 
हमारे लिए खुला अपना जेब रखा जिसने। 
और अपने दुख-दर्द से हमें परहेज रखा,
ओ हैं पिता..
जिसके नाम से दुनियां बच्चों को पहचान लेती है, 
बच्चे वो खोई हुई चीज हैं जिसका पता हैं पिता।
पापा से बड़कर कुछ भी नहीं।
खुद भी नहीं खुदा भी नहीं।।
जानबूझ कर लड़ लेती हूँ अपने भाई से, 
पता है पापा हर बार मेरी ही तरफ रहेंगे!
वो सुरमा है मगर बाप भी तो है, 
रोटी खरीद लाया है तलवार बेचकर।
कंधो पे मेरे जब बोझ बढ जाते है..
मेरे पापा मुझे शिद्दत से याद आते हैं।
डियर पापा भरोसा रखिए, 
शब्दों की नज़ाकत बिगड़ने नहीं देंगे। 
हार जायेंगे खुद पर सर आपका झुकने नहीं देंगे।।
वो प्यार माँ जितना जताते नहीं, 
पर ऐसा नहीं की प्यार करते नहीं।  
दुनिया में जीने का तजुर्बा सिखाते हैं, 
बुरे हालात में भी सामने रोते नहीं।।
माँ घर को घर बनाती हैं, जानता हूं;
पर बगैर पिता के घर टिकता नहीं।।
पिता का आदर्श, प्रेम का संदेश,
   वो हैं मेरे जीवन का अमूल्य रत्न।
   मेरे पिताजी को मेरा प्यार नमन,
   आपके बिना हो जाता है जीवन व्यर्थ।
आपकी मुस्कान मेरी खुशियों की वजह है,
   मेरी हर उम्मीद आपके साथ जुड़ी है।
   पिता के आदर्श सदा मेरी राह दिखाते हैं,
   आपकी ममता और स्नेह मुझे आगे बढ़ाते हैं।
पिता का हाथ हमेशा समर्पित रहता है,
   हर जटिलता में मुझे सहारा देता है।
   वो हैं मेरी जिंदगी का संचारी,
   जो दिल के नजदीक हमेशा रहते हैं साथी।
पिता की ममता, प्यार की भरमार,
   मेरे जीवन के लिए सबसे अनमोल हैं यार।
   आपके आदर्शों पर चलना सिखाते हो,
   जीवन के हर मोड़ पर हमेशा सहारा देते हो।
आपके बिना क्या है ये जीवन मेरा,
   आप हो मेरी शक्ति, मेरा सहारा।
   पिता हैं मेरे आदर्श, मेरे गुरु,
   जिनके आगे छोटी है हर खुदाई और कुर्बानी।
पिता हैं मेरे सच्चे दोस्त और गाइड,
   हर दर्द-भरी राह में मेरे साथ हैं साथी।
   आपकी हर मुसीबत पर मैं हूँ तैयार,
   पिताजी, आप हैं मेरे सुरक्षा की दीवार।
पिता के बिना जीवन था रंजिशों का मेला,
   आपके साथ सब कुछ हो गया है संगीत के मेला।
   आपके प्यार और समर्पण का असर है यह,
   पिता होना ही मेरी गर्व और शान है।
आपकी ख़ुशी मेरी ख़ुशी, आपका आशीर्वाद मेरा धन,
   मेरे जीवन के लिए आप हैं महत्वपूर्ण ज्ञान।
   आपकी ममता और स्नेह से बनता है मेरा अभिमान,
   पिताजी, आप हो मेरी जिंदगी का मूल्यवान रत्न।
पिताजी की मेहनत और संघर्ष हैं मेरी पहचान,
   उनकी सीख और सद्बुद्धि है मेरी प्रेरणा।
   वो हैं मेरे जीवन का अमूल्य साथी,
   पिता का प्यार हमेशा रहेगा अपार और अविनाशी।
पिता के स्नेह से जीता हूँ मैं अपनी हर जीत,
    उनकी सीख-मार्गदर्शन से रहा हूँ मैं हमेशा अग्रणी।
    पिताजी, आपके बिना मेरी जगह कुछ नहीं,
    आप हो मेरी दुनिया का सबसे प्यारा अद्वितीय रत्न।
माना के मां की गोद बहुत लाजवाब  है,
एहसान पिता का भी कोई कम तो नहीं है।
बाप कहूं या वरदान कह दूं,
या फिर अपने ही घर का मेहमान कह दूं।
सह लेता हैं दुनियां के जुल्मों सितम को अकेले ही,
मन तो करता है उसे इस धरती का भगवान कह दूं।।
मुझे थकने नहीं देता जरूरत का ये पहाड़,
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते।
जब भी आपकी याद आई,
अकेले होने की कमी खली।
मैं पिता पर कविता लिखना चाहता था 
पर लिख नहीं पाता था, बीच में माँ आ जाती थी।
अपना शहर, अपना गांव, 
अपना जमीन, अपना घर दे गए। 
पिता जी मुझसे क्या लिए थे, 
जो मुझको अपना दर दे गए।।
मां बाप ही एक मात्र इंसान हैं जिसका।
कर्ज़ कोई बेटा बेटी नहीं चुका सकता।।
उनके साये में हम पलते रहे, 
पर वो हमें तकदीर नहीं मिली।
आज पूरी गैलरी छान मारी हमने,
पर पापा कि एक तस्वीर नहीं मिली।।
उन्हीं से डर उन्हीं से हौसला है,
मेरा बेटा भी दादा पर पड़ा है!
एक पिता अपने बच्चों से..
" मैं चलूंगा ज़िन्दगी की धूप में,
   तू मेरी परछाईं के साए में चल "
छतें जब आसरा ना दें, 
तो खुला अम्बर याद आता है।
दुनिया जब बाप बनती है, 
पिता अपना याद आता है।।
मुफलिसी भी तोहमत है बेटियों के लिए,,,,
बाप गरीब हो तो रिश्ते नहीं आते..
पिता वह रनवे है जहां से हमारी जिंदगी उड़ान भरती है..
एक एसी शख्सियत जिस पर लिखने के लिए,
कलम को भी हजार बार सोचना पड़े..
 वो पिता है।।
पिता रोटी है कपड़ा है मकान है,
पिता नन्हें से परिंदे का बड़ा आसमान है !
पिता है तो घर में प्रतिपल राग है,
पिता से मां की चूड़ी बिंदी और सुहाग है ।
पिता है तो बच्चों के सारे सपने हैं ,
पिता है तो बाजार के सब खिलौने अपने हैं ।।
पिता भी वात्सल्य में, बच्चों को तर देता है,
 पांव पे खड़ा करती है माँ जिसे, 
पिता उन्हें उड़ने को पर देता है। 
पिता कुदरत का बनाया हुआ बैंक है।
तकदीर वाले हैं वो लोग,
जिनके ऊपर पिता का हाथ होता है।
सारी जिदें पूरी हो जाती हैं,
अगर पिताजी का साथ होता 
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