Beautiful Shayari on Father
A father is the silent hero of every family — strong from outside, soft from inside. He may not express his love in words every day, but his sacrifices, struggles, and guidance shape our entire life. Beautiful Shayari written on Father in Hindi gives voice to those unspoken emotions that stay deep in our hearts for Papa.
This collection is dedicated to every father who worked silently for his children’s dreams, who stood like a wall in tough times, and who became the biggest motivation of life without expecting anything in return.
सारी ख्वाहिशें दिल की दिल में दफना दी मैंने,
तेरी यादें तेरी निशानियां भी मिटा दी मैंने।
जब पिताजी ने कहा अब घर संभालना है बेटे,
आग फिर मोहब्बत की किताबों को लगा दी मैंने।।
पिता की तो पूरी जिंदगी निकल गयी,
बस एक कुर्ते और पाजामे में।
बेटा रोज सपना देखता है कि, कल
कौन सा नया कपड़ा पहनना है इस जमाने में।।
सोने की आलमारी में सूट पर सूट सटी रही।
बेटा कोट बदलता रहा बाप की शर्ट फटी रही।।
अगर मेरा नसीब कहीं मेरे बाप लिखते -2
गम धुंधला दिखते खुशियां साफ साफ लिखते।
चुपके से रख आऊं सारी खुशियां सिरहाने में,
जिन्होंने मेहनत की मुझे बेहतर इंसान बनाने में।
दुनिया के इस डोरे में मैंने मेरे पापा को पाया था,
उस खूबसूरत चेहरे को मैंने अपने में समाया था।
मैं सोचता रहा कि उन्होंने मुझे क्या नहीं दिया,
मेरी हर ख्वाहिश पे अपना पसीना बहाया था।।
मैं तो खुश था अपनी शान-ए-जिंदगी पर,
नादानियों ने दिमाग पर कब्जा जमाया था।
ऐसे ही पूछ लिया जिंदगी से क्यों दे रही है चमक,
तो कहा पिता ने भूखे रहके नया कपड़ा दिलाया था।।
कोई कुछ भी कहे पर यह बात पक्की होती है।
पिता के हर डांट में बेटे की तरक्की होती है।।
बाप का अमीर-गरीब होना मायने नहीं रखता,
मां-बाप का होना ही सबसे बड़ी दौलत है।
जिसने सुकून ना पाया वो बाप है,
जिसने रात दिन खुद को जलाया वो बाप है।
और मां ने खिलाई बच्चों को प्यार से जो रोटियां,
पर रोटियों को कमा कर जो लाया वो बाप है।।
बाप के फटे हुए कपड़े गरीबी में,
और बेटा जेब में हाथ डालकर खड़ा है।
सारी बातें छोड़ो और यह सोचों कि,
उस बेटे के लिए बाप का दिल कितना बड़ा है।
हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब,
पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ हम ने।
कोई न पूछे कैसे आप हैं।
अगर घर में न मां बाप हैं।।
दूर कर दें हमारी जो सभी चिंता,
परेशानियों की जला दें जो चिता।
ख़ुद से ज्यादा हमें जो हर ख़ुशी,
देने के लिए तत्पर रहें वे हैं पिता।।
पिता बनाते हमारा जीवन चमन हैं,
जिससे मिलता हमें चैन व अमन है।
पिता के त्याग और तपस्या के लिए,
पिताजी को कोटि-कोटि नमन है।।
परिस्थितियों से लड़ते रहते हैं,
पर कभी बताते नहीं।
दर्द तो पिता को भी होता है,
पर कभी जताते नहीं।।
पिता का हमेशा होता यही भाव है.
कैसे दूर हो सकते सभी अभाव हैं।
पिताजी हमको हमेशा सिखाते हैं कि,
सदैव रखना सबके प्रति सदभाव है।।
पिताजी को नहीं आता यह रास है,
कि कोई उड़ाए हमारा उपहास है।
इसलिए पिता हमेशा यह कहते हैं कि,
कुछ ऐसा करो कि बने इतिहास है।।
हम सभी झुकाते पिता को शीश हैं,
पिता होते जैसे साक्षात जगदीश हैं।
पिता को हमेशा ही ख़ुश रखने से,
मिलता अजेय होने का आशीष है।।
पिता ने दिए हमें ऐसे संस्कार हैं,
जिससे हो सकते सपने साकार हैं।
हमें सही दिशा-दशा देने के लिए,
पिताजी को फिर-फिर नमस्कार है।।
पिता को घेर लिया फ़िर इसी फ़िक्र ने,
मेरी बेटी दुनिया से कैसे लड़ी होगी।
गरीब हुआ तो क्या हुआ साहेब,
वो भी बाप हैं ऐक शहेजादी का।
बेटियाँ बाप की आँखों के ख़्वाब पहचानती हैं,
और कोई दूसरा इसे पढ़ ले तो बुरा मानती हैं।
खुदा के घर से एक फरिश्ता आया है,
धरती पर आकर जो पिता कहलाया है।
अपने बाप की एकलोती बेटी थी वो..
और ससुराल वाले कहते हैं
तुम्हारे बाप ने दिया ही क्या हैं..
एक मर्द की कामयाबी के पीछे۔۔۔
उसके बूढ़े बाप की जवानी होती हैं।
बच्चों को अपने पैरों पे खड़ा करना था..!!
बाप के "घुटने" इसी में जवाब दे गए..
लगा सका न कोई उसके क़द का अंदाज़ा,
वो आसमां हैं मगर सर झुकाए रहते हैं।
संघर्ष त्याग का अद्भुत संगम हैं पापा,
दृढ़ ,विनम्र का अद्भुत संगम हैं पापा।
साहस संयम सरल सत्य का संगम,
अनुपम, स्नेह ,क्रोध का अद्भुत संगम हैं पापा।।
भारी क़दमों से बहुत रात में ज़ीना चढ़ना,
आपके लौटने तक जागता था घर अपना।
दौड़ते भागते जाड़ों की घनी रातों में,
बेहतरी के लिए कुनबे की मशक़्क़त करना।
माँ का आंचल और पिता का साया,
इस सकून का मिसाल कहाँ।
एक बाप को समझने के लिए,
बाप होना ज़रूरी है।
सह ठंड-घाम, धूल-धक्का,
खुद भूखे रह हमें भरपेट रखा जिसने।
बहनों के पाँवों में पाजेब रखा,
हमारे लिए खुला अपना जेब रखा जिसने।
और अपने दुख-दर्द से हमें परहेज रखा,
ओ हैं पिता..
जिसके नाम से दुनियां बच्चों को पहचान लेती है,
बच्चे वो खोई हुई चीज हैं जिसका पता हैं पिता।
पापा से बड़कर कुछ भी नहीं।
खुद भी नहीं खुदा भी नहीं।।
जानबूझ कर लड़ लेती हूँ अपने भाई से,
पता है पापा हर बार मेरी ही तरफ रहेंगे!
वो सुरमा है मगर बाप भी तो है,
रोटी खरीद लाया है तलवार बेचकर।
कंधो पे मेरे जब बोझ बढ जाते है..
मेरे पापा मुझे शिद्दत से याद आते हैं।
डियर पापा भरोसा रखिए,
शब्दों की नज़ाकत बिगड़ने नहीं देंगे।
हार जायेंगे खुद पर सर आपका झुकने नहीं देंगे।।
वो प्यार माँ जितना जताते नहीं,
पर ऐसा नहीं की प्यार करते नहीं।
दुनिया में जीने का तजुर्बा सिखाते हैं,
बुरे हालात में भी सामने रोते नहीं।।
माँ घर को घर बनाती हैं, जानता हूं;
पर बगैर पिता के घर टिकता नहीं।।
पिता का आदर्श, प्रेम का संदेश,
वो हैं मेरे जीवन का अमूल्य रत्न।
मेरे पिताजी को मेरा प्यार नमन,
आपके बिना हो जाता है जीवन व्यर्थ।
आपकी मुस्कान मेरी खुशियों की वजह है,
मेरी हर उम्मीद आपके साथ जुड़ी है।
पिता के आदर्श सदा मेरी राह दिखाते हैं,
आपकी ममता और स्नेह मुझे आगे बढ़ाते हैं।
पिता का हाथ हमेशा समर्पित रहता है,
हर जटिलता में मुझे सहारा देता है।
वो हैं मेरी जिंदगी का संचारी,
जो दिल के नजदीक हमेशा रहते हैं साथी।
पिता की ममता, प्यार की भरमार,
मेरे जीवन के लिए सबसे अनमोल हैं यार।
आपके आदर्शों पर चलना सिखाते हो,
जीवन के हर मोड़ पर हमेशा सहारा देते हो।
आपके बिना क्या है ये जीवन मेरा,
आप हो मेरी शक्ति, मेरा सहारा।
पिता हैं मेरे आदर्श, मेरे गुरु,
जिनके आगे छोटी है हर खुदाई और कुर्बानी।
पिता हैं मेरे सच्चे दोस्त और गाइड,
हर दर्द-भरी राह में मेरे साथ हैं साथी।
आपकी हर मुसीबत पर मैं हूँ तैयार,
पिताजी, आप हैं मेरे सुरक्षा की दीवार।
पिता के बिना जीवन था रंजिशों का मेला,
आपके साथ सब कुछ हो गया है संगीत के मेला।
आपके प्यार और समर्पण का असर है यह,
पिता होना ही मेरी गर्व और शान है।
आपकी ख़ुशी मेरी ख़ुशी, आपका आशीर्वाद मेरा धन,
मेरे जीवन के लिए आप हैं महत्वपूर्ण ज्ञान।
आपकी ममता और स्नेह से बनता है मेरा अभिमान,
पिताजी, आप हो मेरी जिंदगी का रत्न मूल्यवान।
पिताजी की मेहनत और संघर्ष हैं मेरी पहचान,
उनकी सीख और सद्बुद्धि है मेरी प्रेरणा।
वो हैं मेरे जीवन का अमूल्य साथी,
पिता का प्यार हमेशा रहेगा अपार और अविनाशी।
पिता के स्नेह से जीता हूँ मैं अपनी हर जीत,
उनकी सीख-मार्गदर्शन से रहा हूँ मैं हमेशा अग्रणी।
पिताजी, आपके बिना मेरी जगह कुछ नहीं,
आप हो मेरी दुनिया का सबसे प्यारा अद्वितीय रत्न।
माना के मां की गोद बहुत लाजवाब है,
एहसान पिता का भी कोई कम तो नहीं है।
बाप कहूं या वरदान कह दूं,
या फिर अपने ही घर का मेहमान कह दूं।
सह लेता हैं दुनियां के जुल्मों सितम को अकेले ही,
मन तो करता है इस धरती का भगवान कह दूं।।
मुझे थकने नहीं देता जरूरत का ये पहाड़,
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते।
जब भी आपकी याद आई,
अकेले होने की कमी खली।
मैं पिता पर कविता लिखना चाहता था
पर लिख नहीं पाता था, बीच में माँ आ जाती थी।
अपना शहर, अपना गांव,
अपना जमीन, अपना घर दे गए।
पिता जी मुझसे क्या लिए थे,
जो मुझको अपना दर दे गए।।
मां बाप ही एक मात्र इंसान हैं जिसका।
कर्ज़ कोई बेटा बेटी नहीं चुका सकता।।
उनके साये में हम पलते रहे,
पर वो हमें तकदीर नहीं मिली।
आज पूरी गैलरी छान मारी हमने,
पर पापा कि एक तस्वीर नहीं मिली।।
उन्हीं से डर उन्हीं से हौसला है,
मेरा बेटा भी दादा पर पड़ा है!
एक पिता अपने बच्चों से..
" मैं चलूंगा ज़िन्दगी की धूप में,
तू मेरी परछाईं के साए में चल "
छतें जब आसरा ना दें,
तो खुला अम्बर याद आता है।
दुनिया जब बाप बनती है,
पिता अपना याद आता है।।
मुफलिसी भी तोहमत है बेटियों के लिए,,,,
बाप गरीब हो तो रिश्ते नहीं आते..
पिता वह रनवे है जहां से हमारी जिंदगी उड़ान भरती है..
एक एसी शख्सियत जिस पर लिखने के लिए,
कलम को भी हजार बार सोचना पड़े..
वो पिता है।।
पिता रोटी है कपड़ा है मकान है,
पिता नन्हें से परिंदे का बड़ा आसमान है !
पिता है तो घर में प्रतिपल राग है,
पिता से मां की चूड़ी बिंदी और सुहाग है ।
पिता है तो बच्चों के सारे सपने हैं ,
पिता है तो बाजार के सब खिलौने अपने हैं ।।
पिता भी वात्सल्य में, बच्चों को तर देता है,
पांव पे खड़ा करती है माँ जिसे,
पिता उन्हें उड़ने को पर देता है।
पिता कुदरत का बनाया हुआ बैंक है।
तकदीर वाले हैं वो लोग,
जिनके ऊपर पिता का हाथ होता है।
सारी जिदें पूरी हो जाती हैं,
अगर पिताजी का साथ होता है।
गले से लगाते नहीं पर बहुत प्यार करते हैं,
खुद पहन लेते हैं कपड़े पुराने पर;
हमें नये कपड़ों से तैयार करते हैं।
ले लेते हैं मुसीबत अपने सर पर
खुद हमें मुसीबतों से निकालने में,
एक बाप अपनी जिंदगी लगा देता है
बच्चों को पालने में।
जबतक वो झुर्रियों भरे हाथ मेरे सर पर हैं,
मेरी शान जिंदा है मेरा रवाब जिंदा है।
कयामत भी आ जाए तो मेरा क्या बिगाड़ेगी,
अभी मेरा बाप जिंदा है, अभी मेरा बाप जिंदा है।
मैंने जो गलती की तू मत दोहराना,
मौसम का हाल उसे मत सुनाना।
जो तुम्हारे लिए रोज भागता रहा,
सर्दी क्या, गर्मी क्या, धूप क्या?
जिसकी जिंदगी भर की कमाई तुम हो,
उससे मत पूछना की तुमने कमाया क्या।