Attitude Shayari in Hindi | Status Shayari on Attitude

Attitude Shayari

जहां दिल नहीं मिलता, वहां हाथ भी नहीं मिलाते।
तेरे जैसों को हम हाथ भी नहीं लगाते।
हम घमंड में नहीं रहते, हां गुरुर करते हैं।
इश्क हो या जंग हो, भरपूर करते हैं।।
कोई बात करे तो ठीक, कोई ना करे तो ठीक।
इस वाले राह पर सवार हो गया हूं मैं।।
लोग समझते हैं मुझमें गुरुर आ गया है।
मुझे लगता है अब समझदार हो गया हूं मैं।।

Attitude shayari
जब छोड़कर गए थे तुम, बहुत बुरा लगता था।
निकल जाए दम इतना दर्द सहता था।
तब एक बात सीखी थी, 
किसी के जाने से यह दिन रुकता नहीं है।
अब तुम याद भी आओ, यह दिल दुखता नहीं है।।
किसी ने बड़े कमाल की बात कही है।
जब जीभ जलने पर चाय नहीं छोड़ा,
तो दिल जलने पर इश्क़ क्या खाक छोड़ूंगा।।
कुछ लोग सोचते हैं, 
उनकी चालाकियां हमें नज़र नहीं आती।
पर हम खामोशी से देखते हैं, 
उन्हें अपनी नजरों से गिरते हुए।।
अरे बहुत उठा लिया फायदा मेरा, उन्हें लगता था 
ग़म जुदाई का हम पी ना सकेंगे।
अरे दफा कर दिया उन लोगों को अपनी जिन्दगी से,
जिन्हें लगता था उनके बिना हम जी ना सकेंगे।।
वो था जमाना गुजर गया कब का।
जो था दीवाना मर गया कब का।।
उसका जो हाल है वहीं जाने।
अपना जो जख्म था भर गया कब का।।
किसी के पीछे पीछे नहीं फिरा जाएगा।
चाहे अपने मुकाम के लिए कितना भी लेट करना पड़े।।
अजी जो भी हासिल करेंगे अपने दम पर।
पर किसी को इतना फालतू न समझो दोस्त,
कि उसकी भी फालतू लिस्ट में आने के लिए वेट करना पड़े।।
जब हम बोलते हैं तो बरस जाते हैं।
और जब चुप रहते हैं तो लोग तरह जाते हैं।।
जो तुम्हें अहमियत नहीं देता,
उसके आगे पीछे मत फिरो।
जो तुम्हारा है तुम्हें मिल जाएगा,
बार बार फोन करके उसकी नज़रों में मत गिरो।।
भरोसा टूटा है, वहम की दवाई मत दो।
कहीं और जाके मुंह मारो, हमें सफाई मत दो।।
उसे, उसे कह दो कि ज्यादा औकात औकात न करे।
मैं अपनी औकात पर आ गया तो उसकी औकात लिख दूंगा।।
है मेहनत हमारे खून में,
मुश्किलों से कैसे डर जाना।
मैं ऊपर वाले का हाथ पकड़ कर चलता हूं,
जमीन पर रहने वालों से क्या घबराना।।
अजी हम बचाते बचाते थक गए,
तूने एक पल में रिश्ता तोड़ दिया।
तूने झूठ बोलने में अखबार को भी पीछे छोड़ दिया।।
ये किससे इश्क़ का कानून पढ़कर आप गए हो,
मोहब्बत छोड़ बदन के लिए पगला गए हो।
तुम्हारा मुस्कुराना जान ले लेता था मेरी,
बिछड़कर तुम बहुत मुरझा गए हो।।
अगर तुम ना दिखते तो ये दुर्घटना ना घटती।
गाड़ी तो आराम से थी, काश तुमसे नजर ना लगती।।
मेरे किस्से दूसरों को सुनाते फिरोगे।
दीया मेरे नाम का जलाते फिरोगे।।
कुछ और दिन इंतजार कर लो मेरी जान।
मेरी मौत कई स्टोरी लगाते फिरोगे।।
कोरे कागज पर रो रहे हो तुम।
मैं तो समझा पढ़ें लिखे हो तुम।।
क्या कहा मुझसे दूर जाना है।
इसका मतलब है जा चुके हैं तुम।।
दुनिया का तो पता नहीं, 
मगर मेरा यह कायदा है।
जहां निभाने से ज्यादा बहाने मिले,
वहां पीछे हटने में ही फायदा है।।
कुछ लोग जिधर की हवा होती है, उधर चल पड़ते हैं।
हालांकि यह काम कचरे का होता है।।
तुम रूठ जाते तो मना लेता।
तुम रूठ जाते तो मना लेता।।
मगर यहां मसला रूठने का नहीं।
तुम तो बदल गये हो।।
हक से दो तो नफरत भी ले लें हम।
खैरात में तो मोहब्बत भी नहीं लेते।।
जो सबकी टालकर मेरी बात सुने, वो चाहिए।
वो नहीं जो मेरी बात टाल दे।।
और अगर उसके दिल में कोई इतना सा भी है।
तो वो मुझे दिल से पूरी तरह निकाल दे।।
मरते दम तक याद रखोगे कि, 
किसी से तुमने दिन लगाया था।
एक होने की उम्मीद नहीं थी,
फिर भी तुम्हें पागलों की तरह चाहा था।।
दिल लगाना तो दूर की बात है,
अब तो किसी को हम मुंह तक नहीं लगाते।
जो इज्जत देगा उसे इज्जत मिलेगी,
हम हैसियत देखकर सिर नहीं झुकाते।।
कर लो जितनी बुराई करनी है,
गिरी हुई हरकत तो बुरे लोग ही करते हैं।
कि तोड़ेंगे गुरूर हम इश्क़ का,
और इस कदर सुधर जाएंगे।
रास्ते में खड़ी रहेगी मुहब्बत,
हम सामने से गुजर जाएंगे।।
ये जो चन्द लोग बस्ती में सबसे अच्छे हैं।
इन्हीं का हाथ है मुझको बुरा बनाने में।।

मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद है साहब। 
वक़्त बेवक़्त मेरा ही नाम लिया करते हैं।। 
मेरी गली से गुजरते है छुपा के खंजर। 
रूबरू होने पर सलाम किया करते हैं।।
जिनसे दिल नहीं मिलता, उनसे हाथ भी नहीं मिलाते।
तुम आइसक्रीम खिलाने की बात करते हो,
ऐसे लोगों को हम चाय तक नहीं पिलाते।।